Transistor क्या है
आज का हमारा बिषय है transistor जिसके बारे में आपको पूरी जानकारी देने बाला हु जिसे आपको कहि और जाना न पढ़े। अगर अपने यह शब्द सुना है "Transistor" अगर नहीं सुना तो कोई बात नहीं आज में आपको इसके पूरी जानकारी देने बाला हु जैसे की Transistor क्या है , कितने प्रकार के होते है , इन्हे किसने बनाया , यह कैसे बनते है और इनका इस्तेमाल कहा किया जाता है।
भेसे तो यह बहुत छोटा device होता है पर इसका काम बहुत बड़े होते है यह जितने भी electronic device है जैसे mobile , laptop , digital watch , और T.V etc. इन सभी electronic उपकरण में transistor का इस्तेमाल होता है। आप लोगो अपने mobile , laptop पे अपना काम इतने आसानी और जल्दी कर लेते है इसमें सबसे बड़ा हात इस छोटे से device का होता आज के समय में use होने बाले सारे digital circuit transistor के बिना बाना लगबग नामुमकिन है।
Transistor का सबसे ज्यादा इस्तेमाल amplification के लिए किया जाता है यानि की कोई भी signal बलिहे बो electronic यहां sound के फॉर्म में हो बो enhance हो जाता है साथ में electricity को भी यूज़ करते है।
Transistor कैसे बनता है
Transistor को बनाने के लिए semiconductor silicon और germanium का इस्तेमाल किया जाता है इसमें तीन terminal होते है जिसे हम Bipolar transistor में base , collector , और , emitter कहते है और Field effect (FE ) transistor में gate , drain , और source कहते है। तीनो terminal का इस्तेमाल दूसरे circuit से जोड़ने में किया जाता है जैसे की amplification switch circuit , oscillator etc.
आप लोगो के मन में यह बिचार आ रहा होगा की transistor amplify करता कैसे है तो में बता दू की इस device में charge carrier होते है जिन्हे हम electron और holes कहते है जिनके move होने से current और voltage पैदा होता है और amplify होता है।
Transistor का अविष्कार किसने और कब किया था
सबसे पहले 1925 में German के भौतिक scientist Julius Edgar Lilienfeld ने कनाडा में patent में Field effect transistor के लिए प्रताना पत्र दिया था लेकिन सबूतों की कमी के कारण इसे accept नहीं किया गया था लेकिन बाद में transistor का अविष्कार Jon Bardeen , Walter Brattain , और Willian Shockley ने 1947 में Bell Labs में किया था।
Transistor के प्रकार - Types of transistor in hindi
Transistor के दो प्रकार होते है
(1) BJT (Bipolar Transistor )
(2) FET ( Field Effect Transistor )
Bipolar Transistor
इस प्रकार के transistor को सबसे पहले 1947 में Jon Bardeen , Walter Brattain , और Willian Shockley ने Bell labs में बनाया था इसका नाम Bipolar इस बजह से पड़ा इसमें दो charge carrier होते है electron और holes मतलब यह की transistor में current इन दोनों charge carries के द्वारा पैदा होता है। BJT transistor में तीन terminal होते है Base , Collector , और Emitter
इस type के transistor को amplify , oscillator , modulator , Logical circuit , और Electronic switch में किया जाता है।
. Bipolar transistor दो प्रकार के होते है
. NPN Transistor
यह एक ऐसे प्रकार का BJT transistor है जिसमे P type metal की परत को दो N type के बीच में लगाया जाता है यदि अगर किसी transistor में P part बीच में हो और N part दाए और बाए में हो तो बो NPN transistor होते है। जैसे की मेने पहले ही बताया है की Bipolar Transistor में तीन तरेय के terminal होते है Base , Emitter , और collector उसी तरेय NPN transistor में जो बाए N है उसे Emitter कहते है और दाए बाले N को Collector कहते है और जो बीच में P है बो Base होता है।
इस transistor में electron हमेसा emitter से collector की तरफ move करते है और current collector से emitter तक। आपको पता ही होगा अगर नहीं पता तो बता दू की जिस direction में electron move करते है उसके दूसरे तरफ current move करता है।
इस प्रकार के ट्रांजिस्टर को बनाने के लिए 2N section को एक P section से बीच से बीबजीद किया जाता है। NPN ट्रांजिस्टर को कमजोर signal को amplify करके base के तरफ भेजना के लिए use किया जाता है और इसे circuit में भी use किया जाता है इसका कारण है की इसमें electron charge holder ज्यादा होते है holes के compare में।
. PNP Transistor
इस ट्रांजिस्टर में दो P section को एक N section बीच से बाबजीत करता है PNP transistor में जो बाए बाला P होता है उसे Emitter बोलते है और दाए बाले P को Collector बोलते है और बीच में जो है उसे Base कहते है।
यह transistor में दो crystal diode होते है जो की एक के पीछे एक जुड़े होते है बाए बाले diode को Emitter-Base diode कहते है और दाए बाले diode को Collector-Base कहते है।
Field Effect Transistor ( FET )
यह transistor एक semiconductor द्वारा बनाया गया ऐसा ट्रांजिस्टर है जिसमे current केबल majority carrier के द्वारा पैदा होता है। यानि की electron और holes में से जिसके ज्यादा मात्रा होगी उसके द्वारा current पैदा होगा इसलिए FE transistor को हम Unipolar transistor भी कहते है।
इन ट्रांजिस्टर में तीन terminal होते है जिन्हे हम Gate , Drain , और Source के नाम से जानते है FE transistor size के ईसाब से Bipolar transistor से काफी छोटे होते है और इनमे बिजली कम गप्त होती है इसलिए इन्हे CMOS digital logic पे use किया जाता है।
इस प्रकार के ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल हम calculating machine , amplifier , voltage regulator , oscillator circuit , digital circuit , No Noise amplifier , face shift oscillator में किया जाता है।
. Field Effect Transistor के प्रकार
. Junction Field Effect Transistor ( JEFT )
यह एक semiconductor पे बना हुआ Field Effect transistor है और साथ में Unipolar होता है मतलब की एक समय पे इलेक्ट्रान और होल्स दोनों में से किसी एक charge carrier पे depend रहता है।
इस ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल Electronic Control Unit (ECU) switch , voltage control regulator , amplifier , electronic circuit साथ में radiation कम और रोकने में use किया जाता है।
. Metal Oxide Field Effect Transistor ( MOFET )
इस ट्रांजिस्टर को metal oxide silicon transistor भी कहते है इस ट्रांजिस्टर का अविष्कार Mohamed M Ataka and Dawon Kahng ने Bell Labs में 1959 को किया था और 1960 में सबके सामने present किया था। यह एक ऐसा silicon semiconductor based FE transistor है की इस के Gate के ऊपर oxidation of silicon के परत चढाई जाती है।
यह ट्रांजिस्टर सभी सेमीकंडक्टर ट्रांजिस्टर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है लगबग आजके जितने भी modern device है उन सभी में इसका इस्तेमाल होता है इसके आने इलेक्ट्रॉनिक में क्रांति से आगाही थी और इस क्रांति को English में " Workhouse Of Electronic Industry " कहते है।
MOSFET Transistor का उपयोग
. Automobile Industry
. Switching Device in ECU
. In Modern Electric Vehicles
Field Effect पे कुछ और भी ट्रांजिस्टर है
. Dual Gate MOSFET Junction
. Diffusion Transistor
. Multiple Emitter Transistor
. Avalanche Transistor
यह एक Bipolar Junction Transistor है जो की बनाया गया है collector-current से emitter में काम करने के लिए और यह " Breakdown Voltage " पे काम करता है जिसे हम Avalanche Breakdown कहते है इस ट्रांजिस्टर को सबसे पहले 1955 में बनाया गया था और इसका इस्तेमाल Fast Pulse Generator में करते है इसका कारण यह है की यह बहुत जल्दी response देता है और इसका high voltage और current output है।
आज आपने क्या सिखा
आसा करता हु की आपको को मेरे द्वारा बनाया गया blog transistor क्या है ( transistor in hindi ) समज आया होगा में जनता हु की इसमें ज्यादा technical शब्द है जैसे Diode , Charge Carrier , Gate , Emitter , Collector , Base , ect. जिहने समझना मुश्किल पर आप लोग खुशीश करना अगर नहीं समज आए तो comment के माध्यम से पूछ सकते हो और इस post को जितना हो सके उतना SHARE करना और लोगो का बला हो सके।
Mechkeduniya आगे भी ऐसे ही आपके आसपास इस्तेमाल होने बाले technical और machine के बारे में post डालते रहेंगे तो बने रहना हमारे साथ इसी तरेय की और जानकारी के लिए। और इस प्रकार की जानकारी पाने के लिए हमारे द्वारा बनाया गया Facebook page को follow कीजिये link है mechkeduniya.facebook.com
धन्यबाद
जय हिन्द जय भारत




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