Rom क्या है

computer आज समय की जरूत है बहले ही बो टेबल पे डेस्कटॉप के तरेय हो यहां हात में मोबाइल के तरेय हो जिसे हम काफी प्रकार के application , document, games, run कर सकते है तो इन सभी application के data files को store करने के लिए कंप्यूटर scientist ने एक डिवाइस यहां फिर chip बनाई जिसे हम memory कहते है। 
                                                     Memory दो प्रकार की होती है primary memory और secondary memory. primary memory बी दो प्रकार के होती है जैसे RAM और ROM लेकिन आज हम केबल ROM की बात करेंगे और हां secondary memory है जैसे hard disk, HDD, SD card ect  होते है। 

Rom का full form है Read Only Memory जैसे हम नाम से ही समज  है की इस मेमोरी में केबल data यहां programmed को read किया जा सकता है न की बदला जा सकता है यह data developer द्वारा पहले ही डाल दिया जाता है जिसे बदल नहीं सकते पर कुछ ROM में इस programmed को बदल सकते है और कुछ में नहीं।

                                               
Rom क्या है

                                                 

                                                   Rom का nature Non- volatile होता है यानि अगर आपका कंप्यूटर यहां और कोई बी digital device का power supply off हो जाये तब बी आपका data safe Rom में store रहेगा।


ROM की बिशेषताऍ - characteristics of computer ROM in hindi

. Rom एक non volatile memory होती है। 

. इस memory में केबल store data को read कर सकते है। 

. Rom Ram से सस्ता होता है। 


Rom के प्रकार - Types of Rom in hindi 

Rom के चार प्रकार होते है। 

                     
Rom के प्रकार - Types of Rom in hindi


(1) MROM( Masked Read Only Memory )

(2) PROM ( Programmable Read Only Memory )\

(3) EPROM ( Erasable and Programmable Read Only Memory )

(4) EEPROM ( Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory )\


1.  Masked Read Only Memory

यह सबसे पुरानी Rom है यहां यह कहू की यह सबसे पहेली Rom है जिसे बनाते समय programmed और instruction डाल दिए जाते है। 


2. Programmable Read Only Memory

यह एक मेमोरी chip होती है जिसे हम OTP(One Time Programmable) chip बी कहते है programmer इस memory में एक ही बार instruction डाल सकता है जिसे Erase बी नहीं किया जा सकता बता दू की इस chip में छोटे छोटे micro fuse लगे होते है जिनके अंदर हम programming के जरीहे instruction डाला जाता है। 
                                                      PROM में instruction को डालने की programming को technical बासा में Burning कहा जाता है जो की एक machine के द्वारा होती है जिसे PROM burner कहते है इस प्रकार की ROM का use digital devices में instruction को हमेसा के लिए store करने के लिए किया जाता है। 


3. Erasable and Programmable Read Only Memory 

यह बे एक chip ही होती है पर इस Rom की एक खास बात  है की इसमें store किया गया programmed and instruction को हम  Erase or reprogrammed कर सकते है store किया गया data को Erase करने के लिए Rom को computer से बहार निकालके उसे Ultraviolet ray के पास 40min तक रक्का जाता है जिसे इसमें store सारा data Erase होजायेगा। 
                                                                                                            EPROM की एक और खास बात  यह है की  यह Rom market में low price में मिलता है पर जब store किया हुआ instruction को Erase करते है तो बो पूरा Erase हो जाता है यानि की हम select नहीं कर सकते की हममे कौन सा data Erase करना है और कौन सा नहीं। 


4. Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory

इस Rom को हम Flash Memory के नाम से भी जानते है जिसमे हम data को store और साथ में delete भी कर सकते है light की मदद से बो भी बहुत कम समय में।  EEPROM में भी store किया गया instruction को Erase करने के लिए उसे computer से बहार निकलना पडेगा पर अब यह select कर सकते है की हममे कौन सा data delete करना है और कौन सा नहीं जो हम EPROM में नहीं कर  सकते  थे। इस memory में बाकि memory के मुकाबले Programmed करना, programmed को Erase करना और reprogrammed करना आसान है। 
                                                                               EEPROM   को हम Hybrid Rom भी कहते है because यह RAM के सामान data को read और write करता है और ROM के सामान data को स्टोर करता है यह Rom mp3 player, और  digital camera में use किया जाता है। 


रोम कैसे काम करता है ( Working of Rom in hindi )

Rom एक chip के form की होती है जो motherboard यहां CPU से जुडी होती है जिसे हम technical बसा में BIOS( Basic Input Output System) कहते है इन system Rom को computer बनाते समय hardware से जोड़ा जाता है जैसे keyword, mouse, motherboard etc. जिसे इन सभी के बेच एक interaction बन जाता है। इस memory में Firmware software को installed कर सके।  Rom का इस्तेमाल data store करने और कभी भी access करने के लिए किया जाता है साथ में Booting भी Rom की मदद से होती है बिना Rom के computer और भी digital device open नहीं हो सकते। 

जब कबि भी हम application पे click करके open करते है तो उस समय system उस application के files को Rom से लेता है और RAM पे run करता है और अगर application बंद करना है तो साडी files बापस Rom पे चली जाती है और RAM खली हो जाती है। 



Advantages of ROM in hindi 

. जैसे की मेने पहले बताया की Rom का नेचर Non-volatile  होता है जो data को store करता है          power off होजाने के बाद भी 

. यह RAM से सस्ता होता है 

. Rom RAM से ज्यादा भरोसे बंद होता है 

. इसमें data बार बार नहीं डाला जा सकता इसलिए data डालते समय धयान ढकना चाहिए 



                                                      

                                                            



आज हमने क्या सिखा 

आज हमने आपको ROM क्या है (ROM in hindi) के बारे में बताया है में आसा  के आपको समज आया होगा में जनता हूँ की इस topic में कुछ technical term है जैसे BIOS, Programmed, Instruction, Hybrid rom etc. जिहने समझना मुश्किल है तो आप में से कैसे को भी कोई दिक्कत हो समझने में तो comment के माध्यम से पूछ सकते है। 


आगे भी हम इसी तरेय नहीं नहीं tech के बारे में post डाल ते रहेंगे और अगर आपको कैसे भी tech, machine के बारे में जाना हो तो comment के द्वारा पूछ सकते है mechkeduniya आप के लिया उस के ऊपर जरूर से post लगेगा और हां इस जानकारी को और  को Share करे। 

           
                                                            
Advantages of ROM in hindi



                      जय हिन्द         जय भारत