Gear क्या है / Gear कितने प्रकार के होते है
आज का हमारा बिषय है Gear पर पहले आप लोगो को इसके बारे में बताने से पहले में यह जरूर बताना चाहुगा की इसे बनाया क्यों गया क्योकि मेने देखा है की हम लोग समझ तो जाते है कोई भी technical बिषय के बारे में पर यह नहीं पता होता की इसे बनाया क्यों गया है तो चलिए शुरू करते है।
जितने भी गाड़िया जो आप लोगो को चलते हुए दिखती है आपको पता ही होगा की बो Fuel से चलती है पर इस fuel से केबल power generated होती है इस power को गाड़ियों के wheel तक पौचाने एक बहुत बड़ी समस्या है तो इस समस्या को सुलझाने के लिए पहले के गाड़ियों में Belt system का उपयोग किया जाता था पर इसमें एक दिकत थी की इस system में Slippage बहुत होता है यानि की Friction लगबग ना के बराबर जिसे Power Transmission सही तरेय से नहीं हो पाता था और power का loss भी होता है तो इस समस्या को सुलझाने के लिए Gear बनाया गया जिसमे friction काफी होता है और power transmission के समय power loss भी नहीं होता।
आगे हम लोगो को बतायहेगे की Gear क्या होता है , यह कितने प्रकार के होते है , इनकी बेशयताये क्या है , तो पढ़ते रहना इस पोस्ट को।
Gear क्या है
Gear एक प्रकार की circular डिस्क होती है जिसमे उसके circumference यानि बहारी सतय पे Teeth होते है gear का सबसे ज्यादा इस्तेमाल power transmission में किया जाता है जितने भी automobile , marine ships , यहां तक की एयरोप्लेन में भी इसी का इस्तेमाल होता है। यह गियर ही एक कारण है जिस बजह से आज आप अपनी गाड़ियों में इतना mileage मिल पाता है। गियर के द्वारा केबल पावर ट्रांस्मिटेड किया जाता इसके साथ इसे हम transmitted किये गए पावर दुआरे पैदा हुई गति को भी बदल सकते है और साथ में किसी भी Rotation के दिशा को बदल सकते है।
Gear की बिषयताये
Speed Increase
Gear की मदद से आप पावर transmitted करके दूसरे गियर के गति को बड़ा सकते हो इसे समझने के लिए एक उदहारण लिया लिया है। मान लीजिये की दो गियर है एक बड़े size का दूसरा छोटे size का और दोनों गियर एक दूसरे से engaged है यानि की जुड़े हुए है तो अब क्या किया की motor की मदद से बड़े बाले गियर में पावर देके rotation पैदा किया और जो छोटा गियर जो की बड़े बाले गियर से जुड़ा हुआ है तो देगी पावर और rotation उसमे चली जाती है पर होगा यह की speed of rotation छोटे गियर में बड़े बाले गियर से ज्यादा होगी इस प्रकार गियर की गति आप बड़ा सकते हो same power इसे अछि तरेय से समझने के लिए Gear Ratio समज आना चाहिए।
Speed Decrease
Gear की मदद से दूसरे गियर की गति को कम कर सकते है जैसे मैंने पहले बाले में दो गियर लिए एक बड़ा और छोटा गियर पर अब हम क्या करेंगे की motor से पावर हम छोटे बाले गियर को देंगे और दीगयी पावर बड़े बाले गियर में जियेगी और रोटेट होगा पर अब यह होगा की rotation speed बड़े बाले गियर की कम होगी छोटे बाले गियर से।
Direction Of Rotation
अगर कोई गियर clockwise rotate कर रहा है तो उसे जुड़ा हुआ गियर anticlockwise rotate होने लगेगा।
NOTE
Torque यह भी गियर के द्वारा transmitted की जाती है और यह गियर के speed ठीक उलटी होती है यदि speed बढ़ती है तो torque कम होजाता है और अगर speed घटी है तो torque बढ़ जाता है।
Gear के प्रकार - Types Of Gear
. SPUR GEAR
. HELICAL GEAR
. HERRINGBONE GEAR
. RACK AND PINNON GEAR
. BEVEL GEAR
. WORM AND WORM GEAR
SPUR GEAR
यह बनने बाला सबसे पहला गियर है और यह एक ऐसे प्रकार का गियर है जिसमे Teeth parallel होते है Axis of rotation और यह transmitted करते है पावर को एक shaft से दूसरे shaft तक जब बो दोनों shaft parallel होते है।
इस प्रकार के गियर का इस्तेमाल , Electric skewdriver , Oscillating , Sprinkler , Window Alarm Clock , Washing machine , and Clothes dyer में किया जाता है। यह ऐसे गियर है की इन्हे बनाना आसान और साथ में बाना सस्ता भी होता है। लेकिन इन गियर में Noise बहुत होती है इसका कारण यह है की जो teeth है बो आपस में टकराते है rotation होने के दुआरन और ज्यादा friction होने के कारन noise पैदा होता है।
HELICAL GEAR
इस प्रकार का गियर में टीथ कुछ angle पे बने होते है बो भी गियर के face पे जब कभी भी दो helical gear एक दूसरे से टकराते है तो angle में टीथ होने के कारण इनका function बहुत smmoth होता है जिसे इनमे बिलकुल भी आवाज़ नहीं आती और एक बात है की helical gear को बाना ज्यादा महॅगा होता है spur gear से।
HERRINGBONE GEAR
इस प्रकार के गियर को हम एक नया version of helical gear कह सकते है क्युकि इसमें दो हेलिकल गियर एक साथ बगल बगल में जोड़ दिए जाते है इसके पीछे सबसे बड़ा कारण होता है की गियर द्वारा पैदा होने बाला thrust एक तरेय का फाॅर्स ही है बो cancel हो जाता है इस प्रकार के गियर का इस्तेमाल Heavy Machine में किया जाता है।
RACK AND PINION GEAR
यह सभी गियर में सबसे ज्यादा महतपूर्ण गियर होता है और यह एक प्रकार का spur gear ही है क्युकि इसमें जो टीथ है बो एकदम सीदे होते है इसमें आपको दो शब्द समझने होंगे पहला है 'Pinion' मतलब यह की कोई चीज़ जब rotate हो रही हो और दूसरा ' Linear Motion ' मतलब यह की जब कोई चीज़ सीदे move कर रही हो।
इस गियर में एक गियर pinion की तरेय होता है और दूसरा गियर rack की तरेय होता है और यह एक दूसरे के ऊपर move होते है और एक दूसरे के motion को बदलते रहते है। इस प्रकार के गियर में जो rotary motion एक linear motion में बदल जाता है।
BEVEL GEAR
यह गियर तब इस्तेमाल होते है जब दो शाफ़्ट आपस में perpendicular होती है और इनके बीच में power transmission करना हो। Bevel gear में एक खास बात होती है की इसमें जो टीथ काटे जाते है बो अलग अलग shape के भी होते है जैसे की Straight , Spiral , और Hypoki बेवल गियर का इस्तेमाल Locomotives , Marine application , Automobile , Printing press , Cooling towers , Power plants , Steel Plants , Railway track inspection machine में किया जाता है। बेवल गियर दो प्रकार के होते है।
(1) STRAIGHT BEVEL GEAR
(2) SPRICAL BEVEL GEAR
WORM AND WORM GEAR
यह एक ऐसा गियर है जो दो गियर से मिलके बनता है जिसमे एक को worm कहते है और दूसरे को worm wheel कहते है बहार जो पावर हम worm को देते है और बो फिर transfer होती है worm wheel को इसमें दोनों गियर की जो शाफ़्ट होती है बो एक दूसरे के ना तो parallel होती है और नाही perpendicular इसका इस्तेमाल Large gear reduction में किया जाता है जोकि 20:1 से 300:1 तक कर सकते है , और साथ में इस गियर को material handling , transportation machinery , machine tools और automobile में भी किया जाता है।
आज आपने क्या सिका
मेरे ग्याल से मेने गियर क्या है ( Types Of Gear ) यह सब बता दिया है आसा है आप लोगो को समज आया होगा जितना हो सके इस पोस्ट को SHARE कीजिये और Comment के माध्य्म से यह जरूर बताईये की आप लोगो को यह जानकारी कैसी लगी और कोई भी डाउट हो तो बो भी पूछ सकते हो।
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धनयबाद
जय हिन्द जय भारत









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